‘सतलुज’ विवाद पर बोले कंवलजीत सिंह: ‘अभिव्यक्ति की आजादी आखिर कहां है?’

Kanwaljit Singh speaks on the 'Satluj' dispute 'Where, after all, is freedom of expression'

 

नई दिल्ली : दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म ‘सतलुज’ को ZEE5 से रिलीज के महज दो दिन बाद हटाए जाने को लेकर विवाद लगातार गहरा रहा है। फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता कंवलजीत सिंह ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि फिल्म को आखिर क्यों हटाया गया। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

‘अभिव्यक्ति की आजादी का क्या मतलब रह गया?’

कंवलजीत सिंह ने कहा कि फिल्म हटाने के फैसले से वह हैरान हैं। उनका मानना है कि इस तरह के कदम से लोगों में फिल्म को लेकर जिज्ञासा और बढ़ जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी फिल्म को बिना स्पष्ट कारण हटाया जाता है, तो अभिव्यक्ति की आजादी का वास्तविक अर्थ क्या रह जाता है।

मामला कोर्ट तक ले जाने की तैयारी

अभिनेता ने बताया कि फिल्म के निर्देशक से उनकी बातचीत हुई है और निर्माता इस मामले को अदालत में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि फिल्म को हटाए जाने से सबसे ज्यादा नुकसान निर्माताओं को होगा, जबकि कई दर्शक इसे पहले ही देख चुके हैं।

KPS Gill से प्रेरित किरदार पर दी सफाई

फिल्म में निभाए गए अपने किरदार को लेकर चल रही चर्चाओं पर कंवलजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी एक व्यक्ति की नकल नहीं की। भूमिका की तैयारी के लिए उन्होंने कई पूर्व पुलिस अधिकारियों के वीडियो देखे और एक सेवानिवृत्त डीजीपी से भी बातचीत की, ताकि किरदार को वास्तविकता के करीब पेश किया जा सके।

लंबे संघर्ष के बाद रिलीज हुई थी फिल्म

‘सतलुज’ पहले ‘पंजाब 95’ नाम से चर्चा में थी और रिलीज से पहले लंबे समय तक विभिन्न कारणों से अटकी रही। आखिरकार फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई, लेकिन 48 घंटे के भीतर ही इसे हटा लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म जगत में सेंसरशिप और रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नई बहस छेड़ दी है।

ये खबरें भी अवश्य पढ़े

Leave a Comment